
तो अगली बार जब आप अपने डैडी से लड़ें कि "यू आर टू कंट्रोलिंग", तो याद रखना—वो कंट्रोल प्यार है। और वो 'पहली बार' जब बाप ने आपको छोड़ा था स्कूल में, या पहली बार जब बाप ने आपको बस में अकेले भेजा था—वो दिन ही उसकी सबसे बड़ी जर्नी थी।
रिया चौंक गई। यह वही बाप था जो उसे कभी स्कूटी देने से मना करता था, जिसके सामने वो कभी बॉयफ्रेंड का नाम नहीं लेती थी। वो ही आज कह रहा था— "पता है बेटी, मुझे डर लगता है। बस एक कॉल का लालच है। जब तक फोन न आए, नींद नहीं आती।" एक सख्त अकाउंटेंट)
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नीचे लिखा था: "मेरी बेटी। जिसके लिए मैंने पहली बार किसी के आगे हाथ जोड़े। जिसके लिए मैं पहली बार रोया। और जिसके जाने के बाद मैं पहली बार समझा कि घर घर नहीं लगता—घर वहाँ लगता है जहाँ बेटी की हंसी होती है।" आखिर में, बाप का पहली बार कमजोर पड़ना उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत है। ये स्टोरी हर उस बेटी को समर्पित है जो सोचती है कि उसका बाप स्ट्रॉन्ग है। सच तो ये है—जब बेटी सोती है, तो बाप तकिए में मुंह छुपाकर, पहली बार बस इतना कहता है: और उसकी 21 साल की बेटी
टीवी सीरियल्स में हम सास-बहू के झगड़े तो खूब देखते हैं, पर जब बात आती है 'पहली बार बाप अपनी बेटी के सामने कमजोर कैसे पड़ता है'—तो वो सीन ही कुछ और होता है। ये आर्टिकल उसी पहली बार की कहानी है। एक स्टोरी जिसे हर बाप और हर बेटी को पढ़ना चाहिए। पात्र: आदित्य (45 वर्ष, एक सख्त अकाउंटेंट), और उसकी 21 साल की बेटी, रिया। एक सख्त अकाउंटेंट)
बाप: "ये ले। स्प्रे है, बेटा। गलत हाथ लगे तो आंख में मार देना। और ये कैमरा, किसी ने पीछा किया तो तुरंत रिकॉर्ड कर लेना।"